बिलासपुर- रतनपुर मार्ग पर आज विशेष यातायात व्यवस्था लागू की गई है, जिसके तहत इस मार्ग पर नो एंट्री घोषित कर दी गई है। यह निर्णय महामाया देवी के दर्शन के लिए निकलने वाले पदयात्रियों की बड़ी संख्या को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। हर वर्ष की तरह इस बार भी हजारों श्रद्धालु पैदल यात्रा कर रतनपुर स्थित मां महामाया मंदिर पहुंचते हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा और सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए प्राथमिकता बन गया है।
प्रशासन और पुलिस विभाग ने इस अवसर पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। पूरे मार्ग पर ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए निगरानी रखी जा रही है, जिससे हर गतिविधि पर नजर बनी रहे। संवेदनशील स्थानों पर विशेष पुलिस बल तैनात किया गया है, वहीं ट्रैफिक पुलिस भी लगातार निगरानी कर रही है, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था या जाम की स्थिति उत्पन्न न हो। अधिकारियों के अनुसार, आधुनिक तकनीक के उपयोग से भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासन ने वैकल्पिक मार्ग भी निर्धारित किए हैं। आम नागरिकों और वाहन चालकों को इन रूटों का उपयोग करने की सलाह दी गई है, ताकि पदयात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके अलावा, मार्ग में जगह-जगह सहायता केंद्र और मेडिकल सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता दी जा सके।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करें, समूह में अनुशासन बनाए रखें और किसी भी तरह की अफवाहों से दूर रहें। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पदयात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है, जिसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
इस दौरान पूरे क्षेत्र में उत्साह और आस्था का माहौल बना हुआ है। श्रद्धालु भक्ति भाव के साथ मां महामाया के दर्शन के लिए निकल पड़े हैं। प्रशासन और पुलिस की सतर्कता के चलते उम्मीद जताई जा रही है कि यह पदयात्रा बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक संपन्न होगी और सभी श्रद्धालु सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे।