रायपुर - USCIRF (यूएस कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलिजियस फ्रीडम) की हालिया रिपोर्ट को लेकर देश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस रिपोर्ट का हवाला देते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है और आरोप लगाया है कि विपक्ष की राजनीति देशहित के खिलाफ जाकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छवि को धूमिल करने का काम कर रही है। BJP नेताओं का कहना है कि कांग्रेस और उससे जुड़े कुछ नेता लगातार ऐसे बयान देते रहे हैं, जिनका इस्तेमाल विदेशी संस्थाएं भारत के खिलाफ रिपोर्ट तैयार करने में करती हैं। पार्टी ने इसे “राष्ट्रहित के खिलाफ राजनीति” बताते हुए कांग्रेस से जवाब मांगा है।
वहीं कांग्रेस ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि BJP असल मुद्दों—जैसे महंगाई, बेरोजगारी और सामाजिक तनाव—से ध्यान हटाने के लिए इस तरह के विवाद खड़े कर रही है। पार्टी का दावा है कि वह हमेशा देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रही है। कांग्रेस ने यह भी कहा कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट को आधार बनाकर विपक्ष को देशद्रोह से जोड़ना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है।
इस पूरे विवाद के बीच राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि USCIRF की रिपोर्ट अब एक सियासी हथियार बन चुकी है, जिसका उपयोग दोनों दल अपने-अपने पक्ष को मजबूत करने के लिए कर रहे हैं। एक ओर BJP इसे राष्ट्रीय छवि और सुरक्षा से जोड़कर पेश कर रही है, तो वहीं कांग्रेस इसे सरकार की नाकामियों से ध्यान भटकाने की रणनीति बता रही है।
इस मुद्दे ने संसद से लेकर सोशल मीडिया तक बहस को तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि यह विवाद केवल बयानबाजी तक सीमित रहता है या फिर इसका असर आगामी चुनावी रणनीतियों और जनमत पर भी पड़ता है। फिलहाल इतना तय है कि USCIRF रिपोर्ट ने देश की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है, जो आने वाले समय में और तूल पकड़ सकता है।