दुर्ग (छत्तीसगढ़), 20 मार्च 2026 – जनपद पंचायत विकास निधि से स्वीकृत 2 लाख 30 हजार रुपये के "अधूरे सांस्कृतिक मंच निर्माण" कार्य में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा हुआ है। आरटीआई से प्राप्त दस्तावेजों और स्थानीय जांच के अनुसार, गांव में कोई मजदूर काम नहीं किया, मास्टर रोल पूरी तरह खाली पड़ा है, लेकिन पूरा फंड "मटेरियल" के नाम पर निकाल लिया गया। सबसे चौंकाने वाली बात – एक पुरानी विज्ञान शाला (साइंस लैब) भवन में मात्र 300 लीटर से ज्यादा पेंट किया गया, जबकि कोई निर्माण या मंच नहीं बना।
आरटीआई से सामने आए चौंकाने वाले तथ्य:
कार्य स्वीकृत हुआ था कांग्रेस शासन काल (2022-23) में, तात्कालिक जनपद सदस्य श्री टिकेश्वरी देशमुख के कार्यकाल में।
प्राक्कलन और स्वीकृति में हेराफेरी – 300 लीटर पेंट की कीमत लगभग 65,000 रुपये, फैब्रिकेशन पर 70,000 रुपये से ज्यादा दिखाया गया। साथ ही 35000 का काला पत्थर, रेती 18000 खिड़की दरवाजों पर 9000 तो सीमेंट के लिए 30000 खर्च किया गया है।बिलों में सरपंच की सील तो लगी, लेकिन हस्ताक्षर गायब। कंपोजिशन फर्म का इस्तेमाल कर GST अलग से जोड़ा गया।
मस्टर रोल में एक भी मजदूर का नाम नहीं – जानकारों के अनुसार ऐसे कार्य में कम से कम 20% (लगभग 46,000 रुपये) मजदूरी पर खर्च होना चाहिए था।
पंचायत सचिव ने बिना टेंडर/कोटेशन के पूरा बिल पास कर भुगतान किया – छत्तीसगढ़ पंचायत क्रय भंडार नियमों का स्पष्ट उल्लंघन।
इंजीनियर ने बिना मौके पर जांचे/बिना मजदूरों के काम पूरा होने का मूल्यांकन पास कर दिया। मौके पर जाकर देखा तो सिर्फ पेंट की धार बहती दिखी – कोई पेंटर या मजदूर नहीं!
स्थानीय ग्रामीणों का कहना:
"विज्ञान शाला पहले से थी, सांस्कृतिक मंच की क्या जरूरत थी? पैसा आया और पेंट में बह गया। मजदूर बिना काम कैसे हुआ? ये सब मिलीभगत है।"
राजनीतिक सवाल :
यह घोटाला कांग्रेस शासन में हुआ था, लेकिन अब बीजेपी की "सुशासन" सरकार में जांच की क्या स्थिति है? क्या ये कारनामा फाइलों में दब जाएगा या दोषियों पर कार्रवाई होगी? पूर्व संचार संकर्म सभापति टिकेश्वरी देशमुख, सरपंच, पंचायत सचिव और इंजीनियर की भूमिका संदिग्ध है।
शिकायत दर्ज :
शिकायत पत्र पंचायत संचालनालय, दुर्ग जिला प्रशासन, लोकायुक्त और एंटी करप्शन ब्यूरो को भेजा जा चुका है। धारा न्यूज़ लगातार फॉलो कर रही है।
जनता से अपील :
अगर आपके गांव में भी विकास निधि का दुरुपयोग हो रहा है, तो कमेंट में बताएं। इस खबर को शेयर करें ताकि भ्रष्टाचार की पोल खुले।