रायगढ़- जिले में अवैध अफीम की खेती का एक और बड़ा मामला सामने आया है, जिसने न केवल प्रशासनिक तंत्र बल्कि सियासी हलकों में भी हलचल मचा दी है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए झारखंड के एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है, जो कथित तौर पर इस अवैध खेती में संलिप्त था। खास बात यह है कि पिछले 15 दिनों के भीतर यह चौथा मामला सामने आया है, जिससे यह आशंका और गहरी हो गई है कि जिले में संगठित तरीके से नशे का नेटवर्क सक्रिय है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी सुनियोजित ढंग से अफीम की खेती कर रहा था और इसकी जानकारी स्थानीय स्तर पर सीमित लोगों को ही थी, ताकि गतिविधि पर किसी की नजर न पड़े। पुलिस ने मौके से अफीम के पौधे बरामद किए हैं और पूरे इलाके को घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस कार्रवाई के बाद अब यह जांच तेज कर दी गई है कि क्या इस अवैध कारोबार के पीछे कोई बड़ा गिरोह काम कर रहा है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या अन्य राज्यों से आकर लोग इस तरह की खेती में संलिप्त हैं। झारखंड कनेक्शन सामने आने के बाद पुलिस अंतरराज्यीय नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही है। स्थानीय प्रशासन ने भी राजस्व और वन विभाग के साथ समन्वय बनाकर ऐसे क्षेत्रों की पहचान शुरू कर दी है, जहां छिपकर इस तरह की खेती की जा सकती है। लगातार सामने आ रहे मामलों ने यह संकेत दिया है कि तस्कर अब दूरदराज और कम आबादी वाले इलाकों को अपना ठिकाना बना रहे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने अब राजनीतिक रूप भी ले लिया है। पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने इस मुद्दे पर राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में अवैध अफीम की खेती सरकार के संरक्षण में फल-फूल रही है और कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। उन्होंने कहा कि इतने कम समय में बार-बार ऐसे मामले सामने आना यह दर्शाता है कि कहीं न कहीं प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत है। दूसरी ओर, भाजपा नेताओं ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि सरकार नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है और लगातार हो रही पकड़ इसी का प्रमाण है।
वहीं, पुलिस और प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई में जुटे हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जिले में विशेष अभियान चलाकर अवैध खेती और नशे के कारोबार के खिलाफ व्यापक स्तर पर कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही ग्रामीणों से भी अपील की जा रही है कि वे इस तरह की गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते सख्त कदम उठाए जा सकें। लगातार सामने आ रहे मामलों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि रायगढ़ में नशे के खिलाफ जंग अभी लंबी चलने वाली है और इसके लिए प्रशासन, पुलिस और आम जनता के संयुक्त प्रयास बेहद जरूरी होंगे।