रायपुर -छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में आज का दिन काफी अहम रहने वाला है, क्योंकि सदन में धर्म स्वातंत्र्य संशोधन विधेयक पेश किया जाएगा। इस विधेयक को लेकर पहले से ही राजनीतिक सरगर्मी तेज है और सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच तीखी बहस के आसार हैं। सरकार का कहना है कि यह संशोधन राज्य में अवैध धर्मांतरण पर रोक लगाने और कानून व्यवस्था को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से लाया जा रहा है, जबकि विपक्ष इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों में हस्तक्षेप बताते हुए सवाल उठा रहा है।
आज सदन की कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ मंत्री वर्मा और मंत्री कश्यप भी मौजूद रहेंगे और वे विधायकों द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देंगे। विधेयक के विभिन्न प्रावधानों, उसके प्रभाव और इसके क्रियान्वयन को लेकर विपक्ष की ओर से सरकार को घेरने की तैयारी है। माना जा रहा है कि विपक्ष इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की मांग कर सकता है और कुछ संशोधनों का प्रस्ताव भी रख सकता है।
सदन के बाहर भी इस विधेयक को लेकर बहस जारी है। कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने इस पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी है। कुछ इसे आवश्यक कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे समाज में विभाजन बढ़ाने वाला मान रहे हैं। ऐसे में आज का दिन न केवल विधानसभा के भीतर, बल्कि प्रदेश की राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
संभावना जताई जा रही है कि इस मुद्दे को लेकर सदन में हंगामा भी हो सकता है, जिससे कार्यवाही प्रभावित हो सकती है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इस विधेयक को किस तरह पेश करती है और विपक्ष इसके जवाब में क्या रणनीति अपनाता है।