दिल्ली एयरपोर्ट पर ‘GPS Spoofing’ का कहर, कई फ्लाइट्स डायवर्ट, जानिए क्या है यह टेक्नोलॉजी...

त्वरित ख़बरें :- मनीष साहू रिपोर्टिंग...

दिल्ली का इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) पिछले दो-तीन दिनों से GPS स्पूफिंग की समस्या से जूझ रहा है।
 इसके चलते दिल्ली आने वाली कई फ्लाइट्स को जयपुर डायवर्ट करना पड़ा और एयर इंडिया की कुछ फ्लाइट्स में
 1 घंटे से अधिक की देरी हुई। GPS स्पूफिंग एक ऐसी तकनीक है जिसमें सैटेलाइट नेविगेशन सिग्नल को मैनुपुलेट
 किया जा सकता है। इस वजह से एयर ट्रैफिक कंट्रोल और पायलटों को विमान की असली स्थिति का सही
अंदाजा नहीं हो पाता, जिससे उड़ानों की सुरक्षा पर असर पड़ता है।

हालांकि यह पहला मामला नहीं है। पिछले महीने मिडल ईस्ट में वियाना से दिल्ली आने वाली एयर इंडिया की
फ्लाइट को दुबई डायवर्ट करना पड़ा। जांच में पता चला कि ऐसा करप्ट सिग्नल (GPS Spoofing) की वजह से हुआ।
 इस दौरान विमान का ऑटोपायलट, ऑटोथ्रस्ट, फ्लाइट डायरेक्ट और ऑटोलैंड सिस्टम फेल हो गए।
 पायलट को फ्लाइट को मैनुअली उड़ाना पड़ा और दुबई में सुरक्षित लैंडिंग करनी पड़ी।

IGI एयरपोर्ट पर, पूर्वी हवाओं के चलते विमान आम तौर पर द्वारका की तरफ लैंडिंग और वसंत कुंज की तरफ टेकऑफ करते हैं, लेकिन GPS स्पूफिंग से यह प्रक्रिया प्रभावित हुई। अधिकारियों ने कहा कि एयरपोर्ट पर बैकअप नेविगेशन सिस्टम और पायलटों के प्रशिक्षण के कारण सभी विमानों को सुरक्षित तरीके से डायवर्सन और लैंडिंग सुनिश्चित किया गया।

क्या है GPS Spoofing?

दिल्ली का इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) मंगलवार को GPS स्पूफिंग की वजह से प्रभावित हुआ।
इस तकनीक के चलते एयरपोर्ट पर कंजेशन दिखाई दिया, जिससे कई फ्लाइट्स की लैंडिंग में देरी हुई और
कुछ को जयपुर एयरपोर्ट पर डायवर्ट करना पड़ा। GPS स्पूफिंग एक तरह की हैकिंग है, जिसमें
 सैटेलाइट नेविगेशन सिग्नल को मैनिपुलेट किया जाता है। इसके कारण पायलट और एयर
ट्रैफिक कंट्रोल को विमान की वास्तविक स्थिति का सही अंदाजा नहीं होता, जिससे उड़ानों की सुरक्षा पर
 असर पड़ता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, पहले GPS स्पूफिंग के मामले ज्यादातर इंटरनेशनल रूट पर देखने को मिलते थे,
 लेकिन अब भारत में ऑपरेट होने वाले फ्लाइट्स भी इसकी जद में आ गई हैं। ग्लोबल एयरलाइंस
 ऑपरेशन पिछले कुछ सालों से इसकी वजह से प्रभावित हो रहे हैं, जिससे यह सुरक्षा के लिए बड़ा
मुद्दा बन गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार शाम दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI)
एयरपोर्ट पर कंजेशन देखा गया। एयरपोर्ट के आसपास हवाओं के डायरेक्शन में अचानक
 बदलाव के कारण कई इनकमिंग फ्लाइट्स को जयपुर डायवर्ट करना पड़ा,
जबकि दिल्ली एयरपोर्ट के सभी चारों रनवे उस समय पूरी तरह ऑपरेशनल थे।

फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट Flightradar24 के अनुसार, IGI एयरपोर्ट नाइट ऑपरेशन
प्रभावित होने के मामले में दुनिया में काठमांडु के बाद दूसरे नंबर पर है। इस दौरान कई
Air India और IndiGo की फ्लाइट्स डायवर्ट हुईं। एक सीनियर पायलट ने बताया कि आगमन
(Arrivals) के लिए ज्यादातर एयरक्राफ्ट GPS बेस्ड एरिया नेविगेशन (RNAV) का पालन करती हैं।
GPS स्पूफिंग की स्थिति में एयरक्राफ्ट की नेविगेशन क्षमता घट जाती है,
 जिसके कारण एयर ट्रैफिक कंट्रोल को विमानों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखने के लिए
मैनुअली मेनटेन करना पड़ता है।