२१० करोड़ रूपयों के अमृत मिशन में किए गए खर्च का खुलासा.....
राजनांदगाँव
शहर की जन-जन की आवाज एवं पूर्व पार्षद हेमंत ओस्तवाल ने एक जारी पत्र के माध्यम् से शहर के महापौर मधुसूदन यादव से यह मांग की है कि, महापौर के शपथ ग्रहण करने के बाद आप लगातार शहर की आम जनता को २४ घंटे पानी कैसे उपलब्ध हो सके इसके लिए लगातार जो आप विभिन्न वार्डो में दौरा कर रहे है और शहर के निर्वाचित पार्षदों एवं अधिकारियों के साथ बैठक लेकर शहर की समस्या और पानी की व्यवस्था हेतु जिस तरह आप भरी गर्मी में दिन-रात एक करके जो पानी की व्यवस्था हेतु लगे हुए और शहर की जनता को इस भरी गर्मी में टैंकरों के माध्यम् से पानी पहुँचाने हेतु जो प्रयासरत है वह तो अपनी जगह है लेकिन मेरा आपसे अनुरोध है कि, आप लगभग २५ वर्षो से नगर निगम के पार्षद से लेकर महापौर की अग्रणी भूमिका निभा चुके है और आपको नगर निगम सीमा की भौगोलिक स्थिति एवं निगम की कार्यप्रणाली का अक्षर सा काफी अनुभव निगम के एक्ट और टैक्ट का है और आप यह भी जानते है कि २१० करोड़ रूपयों की अमृत मिशन योजना की स्वीकृत आपके पूर्व महापौर कार्यकाल में प्राप्त हुई थी। और निगम के जिन भ्रष्ट अधिकारियों और ठेकेदारों एवं निगम के पूर्व महापौर हेमादेशमुख के कार्यकाल चाहे आपके पूर्व पाँच वर्षो के महापौर कार्यकाल में शासन के नियम विरूद्ध अमृत मिशन का काम किया गया जिसके चलते इतनी बड़ी योजना भ्रष्टाचार के चलते फैल हो गई? और उस योजना को काफी हद तक अंजाम तक पहुँचाने वाले निगम के जल विभाग के उपअभियंता श्री अतुल चोपड़ा आदि भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत के चलते शहर की जनता को २४ घंटे पानी नहीं मिल पा रहा है और उसी जल विभाग के उपअभियंता की पदोन्नति शासन के नियम विरूद्ध पूर्व महापौर हेमादेशमुख के कार्यकाल में जो पदोन्नति की गई है वह भी पूरी तरह गलत है क्योंकि अमृत मिशन में कही ना कही उक्त अधिकारी के द्वारा महापौर हेमादेशमुख को लाभ पहुँचाया गया गया है? इस कारण शासन के नियम विरूद्ध कार्य करने वाले उस भ्रष्टअधिकारी की जो पदोन्नति की गई है उसकी जाँच का खुला ऐलान करें और लगभग २१० करोड़ रूपयों के अमृत मिशन योजना की जो स्वीकृति शासन से प्राप्त हुई है उसके सम्पूर्ण डी.पी.आर. और जो कार्यादेश के अनुसार उक्त ठेकेदारों के द्वारा जो कार्य किया गया है और उसके तहत् जो भुगतान किया गया है उसकी सम्पूर्ण जाँच का खुलासा शहर की आमजनता के सामने करने का साहस दिखाये और उक्त अमृत मिशन की कितनी शेष राशि निगम के पास बची है उसका भी खुलासा करें क्योंकि यदि पूर्व महापौर हेमादेशमुख के कार्यकाल में इसमें भ्रष्टाचार हुआ है तो उस पूरे मामले की सम्पूर्ण फाईल और ठेकेदारों को किए गए भुगतानों की जाँच करवाकर उनके खिलाफ कार्यवाही करें और यदि आपके द्वारा कार्यवाही नहीं की जाती तो इससे यह प्रमाणित हो जायेगा की इस अमृत मिशन के भ्रष्टाचार की मूल जड़ आप ही है इसलिए आप ट्रिपल इंजन की सरकार आने के बाद भी अभी तक अमृत मिशन के भ्रष्टाचार के फाईल की जाँच का श्रीगणेश अभी तक नहीं किए है जनता इसको देख रही है कि अमृत मिशन के भ्रष्टाचार के मास्टर माईन्ड का खुलासा और उसके खिलाफ कार्यवाही होना चाहिए।