राजनांदगांव। शहर की जन-जन की आवाज एवं पूर्व पार्षद हेमंत ओस्तवाल ने एक जारी पत्र के माध्यम् से प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन सचिव-संचालक एवं राजनांदगांव जिले के कलेक्टर सहित नगर निगम के वर्तमान आयुक्त से यह मांग की है कि राजनांदगांव सीमा क्षेत्र के अंतर्गत होने वाले स्वच्छ सर्वेक्षण २०२४, ओ.डी.एफ.++ सर्वेक्षण हेतु प्रचार-प्रसार एवं जन-जागरूकता कार्यक्रमों के लिए निम्न कार्य हेतु अधिकृत/पंजीकृत सप्लायर्स/संबंधित ठेकेदार/फर्म/एजेंसी से फार्म बी में मुहरबंद निविदा प्रपत्र हेतु आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि ११/०४/२०२५ को आपके द्वारा निविदा सूचना का आयुक्त का कार्यालयीन पत्र क्र. १६८८/लोककर्म/२०२४-२५ राजनांदगांव, दिनांक २७/०३/२०२५ को जारी किया गया है उसमें निविदा प्राप्त आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि ११/०४/२०२५ को जारी की गई है जबकि निगम की वेबसाइट में दिनांक १३/०४/२०२५ को साइट में अपडेट किया गया है जो कि भ्रष्टाचार को स्वयंमेव प्रमाणित करता है और इस पूरे मामले के भ्रष्टाचार के मास्टर माइंड लोककर्म विभाग के जिस अधिकारी-कर्मचारी के द्वारा इस स्वच्छ सर्वेक्षण में फ्लेक्स डिजाईन एवं प्रीटिंग कार्य आदि में लगभग २५ लाख रूपये की जो निविदा जारी की गई है इसमें भारी वित्तीय अनियमितता करके लाखों का भ्रष्टाचार किया गया है ? क्योंकि स्वच्छ सर्वेक्षण सन् २०२४ का वर्ष समाप्त हो चुका है और सन् २०२५ प्रारंभ हो चुका है फिर सन् २०२४ का स्वच्छ सर्वेक्षण ओ.डी.एफ. के प्रचार-प्रसार हेतु निविदा २७/०३/२०२५ को आयुक्त नगर पालिक निगम राजनांदगांव के द्वारा कैसे जारी की गई इस पूरे मामले की संबंधित विभाग की जाँच करवाकर दोषियों के विरूद्ध अपराधिक प्रकरण दर्ज करवाया जाय और जब तक इस पूरे मामले की जाँच का खुलाशा नही हो जाता लोककर्म विभाग के कम्प्यूटर निविदा प्रपत्र डाउनलोड के मास्टर माइंड नगर निगम के संजय साहू को तत्काल वहां से हटाया जाय। जिससे की इस पूरे मामले की जाँच में रूकावट ना आये और निगम के महापौर जी से अनुरोध है कि इस तरह के गलत कार्यों और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने हेतु आम जनता और शासन के हित में अपने कड़े तेवर तत्काल दिखावें।