राजनांदगांव, 27 जुलाई 2021: कोरोना संक्रमण के खतरे की आशंका की वजह से लगभग चार महीने से बंद आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन जिले में फिर शुरू किया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने जिले के संवेदनशील आंगनवाड़ी केंद्रों को छोड़कर अन्य सभी आंगनवाड़ी केंद्रों को कोविड-19 के दिशा-निर्देश का पालन करते हुए फिर से शुरू करने के सशर्त निर्देश जारी किए हैं जिसके फलस्वरूप आंगनवाड़ी केंद्रों में लाभार्थी बच्चों व गर्भवती महिलाओं को गरमा-गर्म पौष्टिक भोजन परोसा जा रहा है।
आंगनवाड़ी केंद्रों के पुनः संचालन की शुरुआत में मानपुर विकासखंड के आंगनवाड़ी केंद्र साल्हे, खुनेरा,टेमली, पथरेल व एहोडा में भी चूल्हे जलाए गए और भोजन बनाया गया, जिसे बच्चों और गर्भवती महिलाओं ने बड़े ही चाव से खाया। इन आंगनवाड़ी केंद्रों में वजन त्यौहार भी धूमधाम से मनाया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश ने आंगनवाड़ी केंद्रों पर जाकर वजन त्यौहार तथा भोजन की गुणवत्ता सहित अन्य क्रियाकलापों का निरीक्षण किया। इस दौरान लाभार्थियों ने कहा, कोरोना संक्रमण के खतरे के समय सूखा राशन तो मिल ही रहा था, लेकिन बड़े दिनों बाद आंगनवाड़ी में तैयार किया हुआ पौष्टिक गरमा-गर्म भोजन का स्वाद मिला तो और भी ज्यादा अच्छा लगा।सरकार ने बच्चों व महिलाओं में सुपोषण के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों को दो पालियों में संचालित करने का निर्णय लिया गया है जबकि इससे पहले कोविड-19 के संक्रमण के खतरे के कारण 22 मार्च से आंगनबाड़ी केन्द्रों का संचालन बंद रखते हुए हितग्राहियों को घर पहुंचाकर सूखा राशन दिया जा रहा था। इस संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश ने बताया, “आंगनवाड़ी केंद्रों में गर्म भोजन परोसने की व्यवस्था कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन करते हुए प्रारंभ करने का निर्देश दिया गया है। इस दौरान लाभार्थियों को गर्म भोजन के लिए सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक ही आंगनवाड़ी आने की अनुमति होगी। केंद्र में बच्चों को भेजने हेतु पालकों की सहमति लिए जाने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसी तरह केंद्र में हितग्राहियों को अलग-अलग समूह में अलग-अलग समय पर बुलाया जाएगा। एक समय में 15 व्यक्तियों से अधिक लोग भवन में नहीं होंगे। वहीं कंटेनमेंट जोन अथवा जिला प्रशासन द्वारा बंद करने का निर्णय लिए क्षेत्रों में फिलहाल आंगनवाड़ी संचालित नहीं होंगे”।
मैं भी एनीमिक थी पर अब स्वस्थ हूं- देहुति
आंगनवाड़ी केंद्र टेमली पहुंची एनीमिक महिला देहुति बाई पनेका (बदला हुआ नाम) ने बताया, “सुपोषण अभियान से जुड़कर एनीमिया को मैंने हरा दिया है। जनवरी महीने में मैं एनीमिक श्रेणी में शामिल थी। मेरा हिमोग्लोबिन 7 ग्राम ही था। यह पता लगने पर आंगनवाड़ी केंद्र में मेरा पूरा खयाल रखा गया और स्वास्थ्यगत सलाह भी दी गई। सुपोषण के लिए मुझे लगातार सूखा राशन दिया गया। इसके परिणामस्वरूप अब मैं बिल्कुल स्वस्थ हूं। हिमोग्लोबिन का स्तर अब 12 ग्राम है”।
नियमित देखभाल व परामर्श का फायदा मिला- सुकवारो
आंगनवाड़ी केंद्र टेमली की ही लाभार्थी सुकवारो बाई धनकर (बदला हुआ नाम) ने कहा, “सुपोषण अभियान कुपोषित बच्चों और महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रहा है। साढ़े 4 वर्ष की मेरी बेटी नेमिन (बदला हुआ नाम) बहुत कमजोर थी, लेकिन आंगनबाड़ी केंद्र में देखभाल होने के उपरांत वह कुपोषण में मध्यम श्रेणी में आ गई है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और स्वास्थ्य कार्यकर्ता के नियमित परामर्श मिलने से नेमिन को बहुत फायदा हुआ है। आंगनवाड़ी केंद्र में उसे नियमित तौर पर पौष्टिक भोजन सहित अंडा, चिक्की, पौष्टिक बिस्किट और अतिरिक्त पौष्टिक आहार दिया जाता है। इसी का नतीजा है कि, नेमिन का वजन अब 14 किलोग्राम हो गया है”।