कवर्धा बलवा कांड : गृह मंत्री विजय शर्मा का मामला को लेकर बड़ा बयान अब तक 80 लोग हुए गिरफ्तार जानिए आखिर क्या है पूरा मामला......
छत्तीसगढ़ कवर्धा के लोहारीडीह में हुई हिंसात्मक घटना ने पूरे क्षेत्र में हलचल मचा दी है।इस घटना की शुरुआत उसे समय हुई जब गांव के कचरू साहू नामक युवक की लाश फंदे पर लड़की मिली।युवक की रहस्यमय मौत से गांव वालों में गहरा आक्रोश फैल गया,और उन्होंने सरपंच रघुनाथ साहू पर हत्या का शक जताते हुए हमला कर दिया इस हिंसा के चलते रघुनाथ साहू और उनके परिवार पर भीड़ ने हमला किया। और उनके घर में आग लगा दी गई। इस भीषण आग जमीन में रघुनाथ की दर्दनाक मौत हो गई जबकि उसका परिवार किसी तरह बच निकला।
इस घटना ने प्रशासन और पुलिस को हिला कर रख दिया है। जब पुलिस मौके पर पहुंची तब भी स्थिति नियंत्रण से बाहर थी। हिंसा और तनाव के माहौल को देखते हुए पुलिस अधीक्षक एसपी समेत अन्य पुलिस अधिकारियों को भी भीड़ में घेर लिया और बंधक बनाने की कोशिश की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई और करीब 400 से अधिक जवानों को गांव में भेजा गया।
गृह मंत्री विजय शर्मा ने इस घटना को दुखद बताते बताया और उसे एक अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण घटना करार दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना नहीं होनी चाहिए थी और कानूनी व्यवस्था बनाए रखना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, और गांव में पुलिस से बल तैनात है ताकि हिंसा दोबारा ना हो लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई।
गृह मंत्री शर्मा ने बताया कि मध्यप्रदेश
के बॉर्डर के उसे पर एक लाश लटकी मिली है जो इस मामले से जुड़ी होने की संभावना जाता रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि घटना की पूरी जांच की जाएगी और उसके बाद ही सही कारणों का खुलासा हो पाएगा।पुलिस की निष्पक्षता पर भी उन्होंने बोल दिया और कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस ने हिंसा में शामिल 80 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। और जांच जारी है प्रशासन ने गांव वासियों से शांति बनाए रखने और पुलिस को सहयोग करने की अपील की है।
गृह मंत्री ने कहा कि लोहरीडीह एक शांतिप्रिय गांव है। और वह सौ दफा वहां जा चुके हैं।उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वह स्वयं बनाए रखें और न्याय प्रक्रिया का इंतजार करें,यह घटना एक अत्यंत संवेदनशील मामला है। जो समाज में फैल रही असहिष्णुता और हिंसा की प्रवृत्ति को उजागर करती है ।ऐसे मामले में जल्दबाजी से बचाना और उचित जांच के बाद ही निर्णय लेना समाज के हित में है। पुलिस और प्रशासन को पूरी तत्परता से काम कर रही है, ताकि दोषियों को नए में कटघरे में खड़ा किया जा सके।