सिद्धांत चतुर्वेदी की हाल ही में रिलीज फिल्म 'बंटी और बबली-2' रही है। इसके अलावा उनकी अपकमिंग फिल्मों में 'युद्रा', 'खो गए हम कहां', शकुन बत्रा निर्देशित एक अनटाइटल्ड फिल्म के अलावा और भी बहुत प्रोजेक्ट्स हैं। हाल ही में मिडिया से खास मुलाकात होने पर सिद्धांत से 'बंटी बबली-2' सहित अन्य मुद्दों पर बातचीत हुई। पेश हैं उनसे हुई बातचीत के प्रमुख अंश -
एक आउट साइडर के लिए यशराज बैनर के मायने क्या हैं?
इसके मायने बहुत ज्यादा गहरे हैं। जो भी एक्टर बनना चाहता है, उसका सपना होता है कि इस बैनर के साथ एक फिल्म करने को मिले। फिर तो वह चाहे वह इंडस्ट्री से आया हो या फिर कहीं बाहर से भी आया हो। जिस तरह से यह हीरो और हीरोइन को पर्दे पर पर्जेंट करते हैं, जिस तरह से शूट करते हैं, जो स्केल होता है, उस तरीके से कोई और नहीं कर सकता। हर एक्टर चाहता है कि ऐसे कपड़े पहनूं, ऐसे लोकेशंस पर जाऊं, अंडर वाटर सीक्वेंस करूं, यह सब करने का मेरा सपना पूरा हुआ।
इनसाइडर होते, तब यशराज बैनर की फिल्म करने का सपना पहले पूरा हो जाता?
इनसाइडर होता, तब पता नहीं… अब इसके बारे में क्या बोलूं। इनसाइडर होने की फीलिंग समझ नहीं सकता, लेकिन जहां से मैं आता हूं, वहां से आकर यहां तक पहुंचना मेरे और मेरे परिवार के लिए बड़ी बात है। इस ब्रांड से जुड़ना ही बहुत बड़ी बात है, फिर तो वह चाहे कोई भी हो और कहीं से भी आया हो। आई थिंक, यह हर किसी के लिए बराबर होता है।
किरदार को जीवंत करने के लिए क्या खास करना पड़ा था?
इसके लिए खास अलग-अलग किरदार का लहजा पकड़ना था। पूरी बंटी और बबली-2 की दुनिया यूपी की थी, चूंकि मैं भी बलिया, यूपी से हूं। मेरे सारे कजिन, पिताजी बनारस और इलाहाबाद में रहते हैं। घर में वही कल्चर है, भोजपुरी में बात कर लेता हूं, इसलिए वह लहजा पकड़ना मुश्किल नहीं था। लेकिन लंबे बालों में हरियाणवी और साउथ इंडियन आदि बना था, उन सारे किरदारों को पकड़ने के लिए काफी काम करना पड़ा। जैसे साउथ का किरदार किस तरह से हिंदी बोलेगा, उसके लिए प्रभास और अल्लू अर्जुन के इंटरव्यूज देखा, खासकर जहां पर उन्होंने हिंदी में बात करने की कोशिश की। उनका लहजा पकड़ने की कोशिश की है। वहां के एक-दो दोस्तों से बातचीत किया। वहां मेरे मैथ के प्रोफेसर के थे, उनसे बातें हुई। इन सब चीजों को वहां से उठाया। बाकी थिएटर किया है, जितनी जिंदगी देखी है, उसमें अलग-अलग तरह के लोग जिस तरह से उठते-बैठते, चलते और बातें करते हैं, वह लहजा पकड़ने की कोशिश की। इन्हीं सबका मिश्रण करके हमने एक नया किरदार बनाया।
महामारी के समय अबू धाबी में शूट करने गए थे, ऑल ओवर एक्सपीरियंस कैसा रहा?
वहां पिछले साल फरवरी में शूट करने गए थे। वहां पर फिल्म बंटी और बबली-2 का दूसरा भाग हम चारों ने शूट किया है। वहां जाकर काम करके काफी मजा आया। जिस देश में होते हैं, उस भेष में होते हैं। वहां मौसम अच्छा था। जिस पैलेस में रह रहे थे, खूबसूरत था। कई बार सेट पर देर से पहुंचे, तब रानी मैम की डांट भी पड़ी। हमें लगा कि होटल से निकलकर सेट पर पहुंच जाएंगे, लेकिन वहां तो चलते ही चले जा रहे थे, पर ओर-छोर नहीं मिल रहा था। एकदम भूलभुलैया जैसा रहा। जब सेट पर पहुंचे, तब उस दिन रानी मैम ने डांट लगाई। खैर, वहां शूट करने गए थे, लेकिन एकदम छुट्टी जैसा माहौल बन गया था। वहां पर हम साथ में लंच-डिनर करते थे। वहां के प्रिंस से भी मिलना हुआ। हां, मैंने सोचा था कि स्काई ड्राइविंग करूंगा, लेकिन उसके बारे में हिम्मत नहीं जुटा पाई।
आप एक्सेल की खोज हैं और यशराज के साथ काम कर रहे हैं। टैलेंट को संभालने, अप्रोच करने आदि के तरीके में क्या डिफरेंट नजर आया? ये दोनों ही प्रोडक्शन हाउसेस हिंदी सिनेमा के लिए इंस्टीट्यूट हैं। दोनों की स्टाइल और प्रेजेंटेशन अलग है। लेकिन टैलेंट को हैंडल करने का तरीका दोनों का एक ही जैसा है। दोनों टैलेंट की अहमियत समझते हैं। जो करना है, उसके लिए छूट भी देते हैं, इसलिए इतनी सारी फिल्में कर पा रहा हूं। टैलेंट को काफी निखारते हैं। एक्सेल में रितेश, फरहान और जोया मैम, मेरे त्रिदेव हैं और यहां पर आदि सर के काफी कुछ सीखा है।
फरहान अख्तर की फिल्म कब शुरू कर रहे हैं?
इस फिल्म का नाम युद्रा है, जो शुरू हो चुकी है। इसे ‘मॉम’ फेम रवि उदयवर डायरेक्टर कर रहे हैं। इसे फरहान सर और ‘वॉर’ फेम श्रीधर राघवानी ने लिखा है। यह फुल एक्शन पैक फिल्म है। इसमें कुछ नया करने की कोशिश कर रहे हैं। इसे ‘गली बॉय’, ‘तूफान’ फेम जय ओझा शूट कर रहे हैं। यह मेरा पैशन प्रोजेक्ट है, क्योंकि मुझे शुरू से एक्शन पसंद है। एक्शन को लेकर कई चीजों में ट्रेंड हूं।
इसके अलावा बकेट लिस्ट में और कौन-सी फिल्में हैं?
इसके अलावा पिटारे में बहुत कुछ है। एक रोमांटिक-थ्रिलर आ रही है, जो दीपिका पादुकोण, अनन्या पांडे साथ में हैं। इसका टाइटल बहुत जल्द अनाउंसमेंट होगा। शकुन बत्रा इसके डायरेक्टर हैं। इसके बाद ईशान खट्टर और कैटरीना कैफ के साथ फोन भूत कर रहा हूं। यह हॉरर-कॉमेडी है। इसमें मुझे कुछ अलग ही करते हुए देखेंगे। इसके बाद एक्शन फिल्म युद्रा है और जोया अख्तर की खो गए हम कहां फिल्म है, जो आदर्श और अनन्या पांडे से साथ होगी। यह एक स्लाइस ऑफ लाइफ और न्यू एज डिजिटल एज के बारे में फिल्म है। इस तरह अलग-अलग चीजें कर रहा हूं