कुंडा विधायक और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के प्रभाव वाली कौशांबी लोकसभा सीट पर पांचवें और प्रतापगढ़ सीट पर छठे चरण में वोटिंग है. दोनों ही सीट पर राजा भैया का कोई अपना उम्मीदवार मैदान में नहीं है, जिसके चलते वो किंगमेकर की भूमिका में हैं. बीजेपी और सपा दोनों ने ही राजा भैया के समर्थन की उम्मीद लगा रखी थी, लेकिन किसी के पक्ष में कोई निर्णय लेने के बजाय उन्होंने न्यूट्रल रहने का फैसला किया है.कुंडा के बाहुबली विधायक और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने मंगलवार को लोकसभा चुनाव को लेकर बड़ा ऐलान कर दिया है. राजा भैया अब लोकसभा चुनाव में किसी भी पार्टी और उम्मीदवार का समर्थन नहीं करेंगे. कार्यकर्ताओं और समर्थकों को किसी के भी साथ जुड़ने की छूट दी है. राजा भैया ने मंगलवार को पार्टी पदाधिकारियों और समर्थकों की बैठक को संबोधित किया. इससे पहले राजा भैया से मंगलवार को उनकी कोठी पर केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान और कौशांबी के सांसद व उम्मीदवार विनोद सोनकर ने मुलाकात की थी.राजा भैया ने कहा है कि कार्यकर्ताओं और समर्थकों को जो ठीक लगे, वह फैसला ले सकते हैं. कौशांबी सीट को लेकर कहा कि दोनों प्रमुख उम्मीदवारों में कोई भी ऐसा नहीं है जो आपके सुख-दुख में शामिल हो सके. राजा भैया खुद अपनी गारंटी ले सकते हैं, किसी दूसरे नेता या प्रत्याशी की नहीं ले सकते हैं. इस चुनाव में किसी भी पार्टी और उम्मीदवार को कोई समर्थन नहीं दिया जाएगा. कुंडा विधायक ने कहा कि ना बीजेपी गठबंधन को कोई समर्थन होगा और ना ही सपा गठबंधन को कोई समर्थन देगा.