अब Whatsapp पर मिलेगी केस की पल-पल की जानकारी…. जी हां आपने बिलकुल सही पढ़ा है। आजादी के 75वें वर्ष में ( आजादी का अमृत महोत्सव) सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) यह अभिनव पहल करने जा रही है। भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ (CJI Chandrachud) ने गुरुवार को इसकी घोषणा की। CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा, ’75वें वर्ष में सुप्रीम कोर्ट ने एक पहल की है, जिसमें न्यायालय की आईटी सेवाओं के साथ व्हाट्स ऐप संदेशों को एकीकृत कर न्याय तक पहुंच को और मजबूत बनाने का लक्ष्य रखा गया है।सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि 75वें वर्ष में सुप्रीम कोर्ट ने एक पहल की है, जिसमें न्यायालय की आईटी सेवाओं के साथ व्हाट्स ऐप संदेशों को एकीकृत कर न्याय तक पहुंच को और मजबूत बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि अब अधिवक्ताओं को मुकदमा दाखिल करने के बारे में ऑटोमेटेड संदेश प्राप्त होंगे। जस्टिस चंद्रचूड़ ने यह भी कहा कि वाद सूची के प्रकाशित होने के बाद बार सदस्यों को उनके मोबाइल फोन पर सूची प्राप्त होगी।सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि यह एक क्रांतिकारी कदम है। चीफ जस्टिस ने सुप्रीम कोर्ट का आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर भी साझा किया और कहा कि इस पर कोई संदेश और कॉल प्राप्त नहीं होगा। सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा, ‘इससे हमारी कामकाजी आदतों में महत्वपूर्ण बदलाव आएगा और कागजात बचाने में काफी मदद मिलेगी। चंद्रचूड़ के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट न्यायपालिका के कामकाज को डिजिटल बनाने के लिए कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने ई-कोर्ट परियोजना के लिए सात हजार करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।