भिलाई इस्पात संयंत्र के भीतर हुई हत्या के मामले में हुआ बड़ा खुलासा !!

त्वरित ख़बरें:-पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया कि, 20 जुलाई को थाना छावनी में कृषभ पिता जगतराम निवासी मदर टेरेसा नगर छावनी द्वारा अपने पिता जगत राम उम्र 55 साल के गुमशुदगी की...........

पुलिस ने मृतक जगतराम उईके बीएसपी कर्मी के हत्यारे को पकड़ लिया है। पुलिस ने जगतराम की लाश मिलने के महज 24 घंटे में ही हत्यारे को पकड़ने की बड़ी सफलता हासिल की ! इस मामले में राष्ट्रबोध को मिली जानकारी के अनुसार आरोपी मृतक का सहकर्मी था। कर्ज चुकाने से बचने के लिए आरोपी हत्यारा बन गया। मृतक के सोने की चैन, अंगूठी आरोपी के कब्जे से बरामद किया गया है। 

पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया कि, 20 जुलाई को थाना छावनी में कृषभ पिता जगतराम निवासी मदर टेरेसा नगर छावनी द्वारा अपने पिता जगत राम उम्र 55 साल के गुमशुदगी की रिपोर्ट पर से थाना छावनी में गुम इंसान दर्ज किया गया था। पिता गुमशुदा जगत राम उर्फ बीएसपी कर्मचारी थे।

19 जुलाई को जनरल शिफ्ट ड्यूटी आए थे। ड्यूटी के बाद से घर नहीं पहुंचने की सूचना पर थाना छावनी के गुमशुदगी रिपोर्ट पर से गुमशुदा पता तलाश लिया गया। इस दौरान गुमशुदा की गाड़ी दिनांक 20 जुलाई को बीएसपी प्लांट एसएमएस-02 के पास खड़ी मिली।

आसपास पता तलाश किया गया पता नहीं चला। 21 जुलाई को पुन: गुमशुदा की बीएसपी प्लांट के एसएमएस 02 के आस पास पता तलाश करने के दौरान सूचना मिली की एसएमएस 02 सीसीएल में एक अज्ञात व्यक्ति की लाश मिली है।

सूचना पर तत्काल मौके पर पहुंचकर सूचनाकर्ता बीएसपी कर्मचारी हरिप्रसाद यादव द्वारा बताया गया कि मशीन नंबर 06, सिगमेंट प्लांट 1-2 के पास एसएमएस 2 सीसीएस 6.5 मीटर कास्टर 6 ग्रीस स्टेशन बीएसपी प्लाट में बंद दरवाजे के अंदर अज्ञात व्यक्ति का शव प्लेट फार्म पर फुला हुआ चमड़ी फफोले निकले जैसा काला रंग सा हालत में मिला है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल के निर्देश पर अति० पुलिस अधीक्षक संजय धुव, एएसपी ग्रामीण अनंत कुमार, सीएसपी राकेश जोशी, सीएसपी विश्वास चंद्राकर, परि० वैज्ञानिक अधिकारी एफएसएल युनिट मोहन पटेल घटना स्थल पर पहुंचकर घटना स्थल का मुआयना किया गया। मामला संदेहास्पद प्रतीत हुआ।

वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा तत्काल थाना प्रभारी भट्टी निरीक्षक भूषण एक्का, थाना प्रभारी सुपेला निरीक्षक सुरेश ध्रुव, थाना प्रभारी छावनी निरीक्षक विशाल सोन, सायबर सेल प्रभारी निरीक्षक गौरव तिवारी को मामले की हर पहलुओं की गंभीरता एवं सूक्ष्मता से जांच कर मामले को सुलझाने का निर्देश दिया गया। तत्काल घटना स्थल पर डॉग स्क्वाड के द्वारा मुआयना करवाया गया। एफएसएल प्रभारी पटेल के द्वारा बारिकी से शव का निरीक्षण किया गया बाद शव का पंचनामा कर पीएम हेतु रवाना किया गया।

पुलिस ने प्रारंभिक जांच में पाया कि मृतक के शव को साक्ष्य मिटाने के लिए दरवाजे के अंदर छुपाकर साक्ष्य को मिटाने का प्रयास किया जाना पाए जाने पर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध थाना भट्टी में अपराध क्र. 127/2021 धारा 302,201 भादवी कायम किया। प्रकरण की सूक्ष्मता से जांच की गई ।

ऐसे पकड़ में आए हत्यारे

अपराध विवेचना के दौरान मृतक जगत राम के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई बीएसपी के मृतक के सहकर्मियों एवं अधिकारियों से घटना के दिनांक को प्लांट आने जाने के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई तथा आने जाने वाले स्थान के सीसीटीव्ही फुटेज प्राप्त किए गए तथा मृतक के परिजनों से मृतक के दिनचर्या के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। पतासाजी के दौरान प्रत्यक्षदर्शियों के द्वारा मृतक जगत राम को खुर्सीपार निवासी आर व्यंकटेश्वर राव के साथ करीबन 5.30 बजे शाम को अंतिम बार देखा गया था।

इस संबंध में मृतक के पुत्र के द्वारा व्यंकटेश्वर राव से मिलने जाना बताकर घर से निकलना अपने कथन में बताया था चूंकि व्यंकटेश्वर राव की ड्यूटी रात्रि के समय थी शाम 5.30 बजे मृतक के साथ अंतिम बार देखे जाने से संदेह के दायरे में आने पर तत्काल विशेष टीम द्वारा संदेही को हिरासत में लिया जाकर कड़ाई से पूछताछ किए जाने पर संदेही के द्वारा मृतक से विगत 07 वर्षों से एसएमएस 01 में साथ काम करना तथा घटना दिनांक को समय लगभग 5.30 बजे मृतक के साथ में होना तथा बाद में मृतक को वापस चले जाना बताया मृतक से मिलने के कारणों के संबंध में पूछताछ करने पर गोल मोल जवाब देने लगा।

पुनः कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी द्वारा मृतक से डेढ़ लाख रूपये कर्जा लेना व कर्जा वापस न देना पड़े इसलिए उसको सोना देने के बहाने घटना स्थल मशीन नंबर 06, सिगमेंट प्लांट 1-2 के पास एसएमएस 2 सीसीएस 6.5 मीटर कास्टर 6 ग्रीस स्टेशन बीएसपी प्लांट में बुलाकर आने पर धोखे से अपने पास रखे लोहे के राड से मृतक के सिर पर वार कर चोंट पहुंचाकर हत्या करना तथा मृतक के शव को डिस्पोज करने के लिए वहां पर एक बंकर में शव को डालकर बाहर से बंद कर देना बताया।

घटना के बाद संदेही मृतक जगत राम को खोजबीन करने का नाटक करता रहा जिससे पुलिस को उस पर संदेह न हो। आरोपी व्यंकटेश्वर राव के निशानदेही पर मृतक के शरीर में पहने हुए सोने की अंगूठी, चैन व हत्या में प्रयुक्त आलाजरब बरामद किया गया। आरोपी व्यंकटेश्वर राव तथा अपने कर्तव्य स्थल में राड से मारकर हत्या कर देने की बात कबूल करने पर अपराध में गिरफ्तार किया गया।

उपरोक्त कार्यवाही में प्रधान आरक्षक लल्लन सिंह, चंद्रशेखर बंजीर, संतोष मिश्रा एवं आरक्षक तारकेश्वर साहू, अब्दुल शफीक, मुरली सोनी, राजेन्द्र बंसोड़, शैलेष यादव, हीरालाल देशमुख, विजय शुक्ला, रवि यादव एवं सूर्यप्रकाश साहू की उल्लेखनीय भूमिका रही।
पुलिस की तत्परता से अपराधी जल्द पकड़ में आ गया लेकिन पैसों के लालच में दोस्त से हत्यारा बनने की इस घटना की आम जनता से तीखी प्रतिक्रिया सामने आ रही है !