सीरो सर्वे की ताजा रिपोर्ट में देश के 67 फीसदी लोगों में कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडी पाई गई है। इस सर्वे में यह भी सामने आया है कि बच्चों में भी बड़ों के समान कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडी मिली है। इसके बाद से देश में स्कूल खोलने की तैयारी हो रही है। ICMR ने भी सलाह दी है कि पहले प्राइमरी स्कूल खोले जाने चाहिए और फिर सेकेंड्री स्कूल के बच्चों को स्कूल बुलाया जाना चाहिए। हालांकि इससे पहले सभी शिक्षकों और स्टाफ को वैक्सीन लगवाना भी जरूरी है।
यह सीरो सर्वे कोरोना महामारी की दूसरी लहर में कमी आने के बाद किया गया था। ताकि यह पता लगाया जा सके की कोरोना की दूसरी लहर के दौरान कितने लोगों के अंदर इस वायरस के प्रति एंटीबॉडी बनी है। सीरो सर्वे की ताजा रिपोर्ट के अनुसार 6 से 9 साल के बच्चों में भी लगभग उतनी ही एंटीबॉडी दिखी है, जितनी बड़ों में है। ICMR के डीजी डॉक्टर बलराम भार्गव ने कहा है कि बच्चों में इम्यूनिटी ज्यादा होती है और छोटे बच्चों का शरीर आसानी से कोरोना वायरस को हरा देता है। उनके फेफड़ों में वह रिसेप्टर कम होते हैं जहां वायरस जाता है। इसलिए उन्होंने स्कूल खोलने की सलाह दी है।
पहले प्राइमरी फिर सेकेंड्री स्कूल खोलने की सलाह
डॉ. भार्गव ने आगे कहा कि कोरोना महामारी के दौरान यूरोप के कई देशों में प्राइमरी स्कूल बंद नहीं हुए थे। वहां कोरोना की किसी भी लहर के समय स्कूल बंद नहीं हुए। हमारे देश में भी अब स्कूल खोले जा सकते हैं। पहले प्राइमरी स्कूल खोले जाने चाहिए और फिर सेकंडरी स्कूल खोले जाने चाहिए। हालांकि इसके लिए शिक्षक और पूरे स्टाफ का वैक्सिनेटेड होना जरूरी है। यह फैसला जिला और राज्य स्तर पर लिया जाएगा और यह कई फैक्टर पर निर्भर होगा। वहां टेस्ट पॉजिटिविटी रेट क्या है और पब्किल हेल्थ सिचुएशन क्या है, इस पर भी ध्यान देना होगा।
एम्स के डायरेक्टर ने भी दी थी स्कूल खोलने की सलाह
सोमवार को एम्स के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया ने भी कहा था कि जिन जिलों में कोरोना का संक्रमण कम हुआ है, वहां पर अलग-अलग चरणों में स्कूल खोले जा सकते हैं। उनके अनुसार 5 पर्सेंट से कम संक्रमण दर वाले जिलों में स्कूलों को खोले जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों ने भी इस वायरस के खिलाफ अच्छी इम्युनिटी हासिल कर ली है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने क्या कहा
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि 6 साल से ज्यादा उम्र की करीब एक तिहाई आबादी पर अभी भी कोरोना का खतरा बना हुआ है। इसका मतलब है कि देश में करीब 40 करोड़ लोगों पर अब भी कोरोना का खतरा है। सीरो सर्वे में सामने आया कि दो तिहाई आबादी में कोरोना के खिलाफ एंटी बॉडी बन गई है। ये लोग या कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं या फिर वैक्सीन लगने के बाद उनके शरीर में यह एंटीबॉडी बनी है।