भिलाई निगम क्षेत्र में खुली तीनों सस्ती जेनरिक दवा दुकान में महंगी दवाएं मिल रही है। दर्द व बुखार के इलाज में इस्तेमाल होने वाली जिस (एक्लोफिनेक प्लस पैरासिटामॉल) दवा की 10 गोली यहां पर 28.35 रु. में बिक रही है। वहीं सुपेला के लालबहादुर शास्त्री अस्पताल के जेनरिक मेडिकल स्टोर में 5.70 रुपए में बिक रही हैं।
दोनों दवा दुकानों की दवा की कीमत में इतना अंतर उसके रैपर पर लिखे एमआरपी से 55 % छूट देने के बाद है। धनवंतरी मेडिकल स्टोर्स के तहत खुली दवा दुकान में उपलब्ध इस दवा के 15 गोली की एक स्ट्रीप की कीमत 95.50 पैसा है। 10 गोली की कीमत 63.33 रुपए होती है। दवा पर 55 प्रतिशत छूट देने का प्रावधान किया गया है। जिसके बाद 10 गोली की कीमत 28.35 पैसा हो रही है। शास्त्री अस्पताल की दुकान पर छूट नहीं दी जाती है। फिर समान दवा की 10 गोली यहां करीब 15 रुपए सस्ती पड़ रही है। सामान्य रूप से ऐसे दवाएं औसतन 23 रुपए प्रति 10 गोली पहले से ही बाजार में उपलब्ध हैं।
सस्ती दवाओं के बजाए दुकान में महंगी दवा मिली
धनवंतरी मेडिकल योजना के तहत सस्ती दवाओं के काउंटर खोले हैं। भिलाई में सस्ती दवा दुकान व अन्य की पड़ताल की गई। इसमें बाजार मूल्य व जनऔषधि केंद्रों में मिलने वाली दवा की कीमतों में अंतर है। एजेंसियों का कहना है कि अनुबंध ऐसे ही हुआ है।
हर दुकान पर दवाओं की एमआरपी अलग, छूट के बाद भी कीमत ज्यादा
धनवंतरी योजना के तहत हर जिले के सभी निगम और आगे निकाय क्षेत्रों में सस्ती दवा खुलनी है। अभी भिलाई, दुर्ग और कुम्हारी में दुकान का संचालन शुरू हो गया है। फिर भी सभी दुकानों पर उपलब्ध सेम दवा की एमआरपी और बनाने वाली कंपनी में एक रूपता नहीं है। जेनरिक दवाओं के कुल 13 सेंटर खुल चुके हैं। इनमें से 3 जिला अस्पताल सहित प्रमुख सरकारी अस्पतालों में हैं। दोनों की कीमतों में भारी अंतर आ रहा है।
सीधी बात; बीआर साहू, सहायक औषधि नियंत्रक खाद्य व औषधि प्रशासन दुर्ग
एमआरपी तय नहीं की गई इसलिए महंगी मिल रही
निगम द्वारा जिन दवा दुकानों का संचालन शुरू किया गया है, वह महंगी है?
हमारे कार्यालय से ही लाइसेंस जारी हुआ है। वे बाजार दर से सस्ती दवाएं दे रहे हैं।
फिर निगम की दवा शास्त्री अस्पताल के जेनरिक मेडिकल से महंगी क्यों हैं?
शास्त्री अस्पताल की जेनरिक मेडिकल केंद्रीय योजना से संचालित है। वहां जेनरिक दवाओं की एमआरपी पहले से तय है।
दोनों दवा दुकान तो सरकारी निर्देशन में ही चल रही हैं, एकरूपता क्यों नहीं?
निगम की सस्ती दवा दुकान के लिए नियम-शर्ते रायपुर से बनी है। अभी दुकान खुली ही है, आगे नियम-शर्तों में बदलाव हो सकता है। शासन स्तर पर इसे लेकर लगातार संशोधन जारी है। आप जैसी जानकारी दे रहे हैं, उसका भी अपडेट लिया जाएगा।